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भारत की प्रमुख जनजातियाँ और उनकी अनूठी सांस्कृतिक विरासत ( Major Tribes of India in Hindi)

आज का भारत आधुनिकता की दौड़ में कितनी भी आगे निकल चुका हो, लेकिन इसकी असली आत्मा इसकी विविध संस्कृतियों में बसती है। भारत की इस सांस्कृतिक विविधता को समृद्ध बनाने में यहाँ के जनजातीय (Tribal) समुदायों का बहुत बड़ा योगदान है। भारतीय संविधान के अनुसार, इन्हें 'अनुसूचित जनजाति' (Scheduled Tribes - ST) कहा जाता है। देश की आबादी का एक बड़ा हिस्सा इन जनजातियों का है, जिनकी अपनी अनूठी भाषा, जीवनशैली, कला और परंपराएं हैं। आइए आज के इस लेख में हम भारत की कुछ प्रमुख जनजातियों और उनके गौरवशाली इतिहास को करीब से जानते हैं। 1. भील जनजाति (Bhil Tribe) – वीरता और कला का प्रतीक भील भारत की सबसे बड़ी जनजातियों में से एक है, जो मुख्य रूप से मध्य प्रदेश, राजस्थान, गुजरात और महाराष्ट्र में निवास करती है। 'भील' शब्द की उत्पत्ति 'बिल्लु' से हुई है, जिसका अर्थ होता है 'धनुष'। ये लोग तीरंदाजी में बेहद कुशल होते हैं। इतिहास और योगदान : भील राजाओं का इतिहास बेहद गौरवशाली रहा है। महाराणा प्रताप की सेना में भील योद्धाओं ने अकबर के खिलाफ कंधे से कंधा मिलाकर लड़ाई लड़ी थी। संस्कृति...

NOWGONG CHHATARPUR ( History of Nowgong)

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नौगांव नगर का इतिहास 180  वर्ष पुराना शहर जो 36 रियासतों का संचालन करता था, लेकिन वर्तमान में यह उपेक्षा का शिकार है।  नौगांव नगर का नाम आते ही हमारे जेहन में एक ऐसा दृश्‍य आता है जिसमें सैनिकों का जमावडा लगा रहा रहता है। नौगांव नगर को छावनी भी कहा जाता है, क्‍योंकि यह नगर अंग्रेज सैनिकों की छावनी का भी स्‍थान रहा है। नौगांव नगर की स्‍थापना-  NOWGONG  KA  ITIHAS नौगांव नगर की स्‍थापना 1842 में अंग्रेजी हुकूमत के मिस्‍टर डब्‍लयू एस सिलीमैन ने एक बिग्रेड सेना के सैनिकों के ठहरने के लिए नौगांव छावनी के नाम से की गई है। देशी 36 रियासतों के बीच में होने के कारण अंग्रेजी  अफसरों ने इस जगह सबसे पहले नगर का नाम नौगांव छावनी पडा। सन 1842 में अंग्रेजी हुकूमत के सिलीमैन अधिकारी ने जैतपुर बेलाताल की रियासत में नयागांव, दूल्‍हा बाबा मैदान और जैतपुर बेेलाताल की ओर आक्रमण कर दिया जिसमें महाराज पारीक्षत पराजित हो गए तथा अंग्रेजी  हुकूमत बेलाताल तक हो गई। इस तरह से अब अंग्रेजी हुकूमत 36 रियासतों तक फैल गई। इन सभी रियासतों को कंट्रोल करने एवं उनसे लगा...

Rich Dad Poor Dad; Rich Dad Poor Dad summary in Hindi

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  Rich Dad Poor Dad     Rich Dad Poor Dad summary in Hindi मेरे पास  Rich Dad Poor Dad किताब को पढने को सुझानेे के लिए बहुत से कारण है- Rich Dad Poor Dad फिलहाल किताब के बारे में                       किताब का नाम - “Rich Dad Poor Dad” लेखक का नाम – Robert T Kiyosaki प्रकाशक का नाम- मंजुल पब्लिशिंग हाउस अनुवादक का नाम – डॉ सुधीर दीक्षित (हिन्दी अनुवाद) प्रकाशन वर्ष -  2007 ISBN - 978-81-86775-21-9 मूल्‍य- 132/-(किंडल एडीशन) सारांश –   किताब पढने वाले हर सख्‍श को खुद अहसास हो गया कि यह किताब कितनी           महत्‍वपूर्ण है।  मुझेे लगता है कि इस किताब को बहुत पहले पढ लेना चाहिए था, इस किताब को  पढते समय किताब ने आंखों को अपने वश में कर लिया। लेकिन आंखें तो कैसे वश में हो जाती उसने संकेत मस्तिष्‍क को दे डाले, फिर तो मस्तिष्‍क ने भरपूर साथ दिया। हर अंग मस्तिष्‍क के कंट्रोल हो गया और आंखों को किताब पढते रहने का संकेत मिल गया। आंखे...