भारत की प्रमुख जनजातियाँ और उनकी अनूठी सांस्कृतिक विरासत ( Major Tribes of India in Hindi)

आज का भारत आधुनिकता की दौड़ में कितनी भी आगे निकल चुका हो, लेकिन इसकी असली आत्मा इसकी विविध संस्कृतियों में बसती है। भारत की इस सांस्कृतिक विविधता को समृद्ध बनाने में यहाँ के जनजातीय (Tribal) समुदायों का बहुत बड़ा योगदान है। भारतीय संविधान के अनुसार, इन्हें 'अनुसूचित जनजाति' (Scheduled Tribes - ST) कहा जाता है। देश की आबादी का एक बड़ा हिस्सा इन जनजातियों का है, जिनकी अपनी अनूठी भाषा, जीवनशैली, कला और परंपराएं हैं। आइए आज के इस लेख में हम भारत की कुछ प्रमुख जनजातियों और उनके गौरवशाली इतिहास को करीब से जानते हैं। 1. भील जनजाति (Bhil Tribe) – वीरता और कला का प्रतीक भील भारत की सबसे बड़ी जनजातियों में से एक है, जो मुख्य रूप से मध्य प्रदेश, राजस्थान, गुजरात और महाराष्ट्र में निवास करती है। 'भील' शब्द की उत्पत्ति 'बिल्लु' से हुई है, जिसका अर्थ होता है 'धनुष'। ये लोग तीरंदाजी में बेहद कुशल होते हैं। इतिहास और योगदान : भील राजाओं का इतिहास बेहद गौरवशाली रहा है। महाराणा प्रताप की सेना में भील योद्धाओं ने अकबर के खिलाफ कंधे से कंधा मिलाकर लड़ाई लड़ी थी। संस्कृति...

जारवा जनजाति

 

                                          जारवा जनजाति

हाल ही में  ग्रेेट अंडमानी जनजाति लोगों के COVID-19 से संक्रमित पाए जाने के कारण अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह के प्रशासन ने जारवा जनजाति (Jarawa Tribal) के लोगों के लिये  COVID-19 परीक्षण कराने का निर्णय लिया है।  

मुख्‍य बिंदु

  • अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह में 6 अधिसूचित अनुसूचित जनजातियाँ (Scheduled Tribes) हैं।
  • निकोबारी जनजाति के अलावा पाँच अन्य जनजातियों (जारवा, ओंगे, ग्रेट अंडमानी, शोम्पेन एवं सेंटीनली) को  विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों (PVTGs) में सूचीबद्ध किया गया है।
  • पाँच PVTGs में से अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह के प्रशासन ने चार जनजातियों (जारवा, ओंगे, ग्रेट अंडमानी एवं शोम्पेन) से संपर्क किया है किंतु सेंटीनली जनजाति अपने क्षेत्र में किसी बाहरी व्यक्ति के आगमन पर आक्रामक हो जाती है।  
  • नवंबर 2018 में संयुक्त राज्य अमेरिका के 27 वर्षीय जॉन एलेन चाउ (John Allen Chau) को सेंटीनली जनजाति के लोगों ने मार डाला जब उन्होंने उनसे संपर्क करने की कोशिश की।
  • वर्तमान में जारवा रिज़र्व (Jarawa Reserve) के पश्चिम तट में जारवा जनजाति समूह के लगभग 500 सदस्य निवास करते हैं।
  • COVID-19 के मद्देनज़र प्रशासन ने ग्रेट अंडमानी और जारवा जनजाति को क्रमशः जारवा रिज़र्व के  Strait Island और वेस्ट कोस्ट (West Coast) में स्थानांतरित कर दिया ताकि उनको बाहरी लोगों के साथ किसी भी संपर्क से बचा जा सके।
  • जारवा जनजाति को COVID-19 के किसी भी संभावित प्रसार से बचने के लिये छोटे समूहों में रहने की सलाह दी गई है।

जारवा जनजाति:

  • क्षिण अंडमान एवं मध्य अंडमान द्वीप समूह, जारवा जनजाति का निवास स्थान है।
  • वर्तमान में खानाबदोश जारवा जनजाति के लगभग 500 सदस्य 40-50 लोगों के समूहों में चड्ढा (Chaddha) में रहते हैं जिसको वे अपना घर कहते हैं।
  • व्यावसायिक गतिविधियाँ: सूअर, कछुआ, मछली, केकड़ा आदि का शिकार करना, फल, जंगली जड़ें, कंद और शहद  संग्रहित करना।
    • जारवा जनजाति को इन सबको संग्रहित करने के लिये अक्सर बाराटांग द्वीप (Baratang Island) पर लंबी दूरी तय करनी पड़ती है। 

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